अपराधी अज्ञात: जब अपराध होता है लेकिन जिम्मेदार नहीं मिलता

जब कोई अपराध होता है—चाहे चोरी हो, हिंसा हो या धोखाधड़ी—तो सबसे पहले लोग पूछते हैं, अपराधी अज्ञात, वह व्यक्ति या समूह जिसके द्वारा अपराध किया गया है लेकिन पहचान नहीं हो पाई है। ये मामले भारत में बढ़ रहे हैं, और इनकी वजह सिर्फ अंधेरा या बेकाबू नहीं, बल्कि जांच की ढीली व्यवस्था, साक्ष्य का नष्ट होना और न्याय की लंबी प्रक्रिया है। अक्सर पुलिस फाइल में लिख दिया जाता है ‘अपराधी अज्ञात’, और फिर वो मामला भूल जाया जाता है।

ये अज्ञात अपराधी केवल चोरी के मामलों तक सीमित नहीं। ये वो लोग हैं जिन्होंने ऑनलाइन ठगी की, जिन्होंने लॉटरी ड्रॉ में धोखा किया, जिन्होंने बैंक ट्रांसफर में निवेशकों को धोखा दिया। जब पुलिस, जिम्मेदार अधिकारी और जांच एजेंसियां जिनका काम अपराध की जांच करना है साक्ष्य इकट्ठा करने में असमर्थ होती हैं, तो अपराधी अज्ञात के नाम पर मामले बंद हो जाते हैं। कभी-कभी ये अपराध इतने बड़े होते हैं कि उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क होता है—जैसे जब नागालैंड लॉटरी, एक ऐसी लॉटरी जिसमें अक्सर नियमों का उल्लंघन होता है और विजेता नंबर अज्ञात स्रोतों से आते हैं के ड्रॉ में नंबर बदल दिए जाते हैं। या जब येस बैंक, एक बड़ा बैंक जिसके अंदर निवेश और हिस्सेदारी के मामले में गड़बड़ियां हुई हैं की हिस्सेदारी बेची गई, तो क्या कोई जानता था कि वो पैसा किसके हाथ लगा? इन सब में अपराधी अज्ञात रहते हैं।

न्याय की देरी भी इन मामलों को गहरा करती है। एक महिला क्रिकेट मैच में फैसला गलत हो गया तो उसकी शिकायत आज भी लंबित है। एक बैंक ने ₹8,889 करोड़ की हिस्सेदारी बेची, लेकिन किसने फायदा उठाया? इन सब में एक ही सवाल बना रहता है—अपराधी अज्ञात। आप जिन मामलों को यहां पढ़ेंगे, वो सिर्फ खबरें नहीं, वो असली जीवन के टुकड़े हैं। जहां कोई चोरी करता है, लेकिन नहीं पकड़ा जाता। जहां कोई धोखा देता है, लेकिन न्याय नहीं मिलता। ये सभी मामले एक ही निष्कर्ष पर आते हैं: अपराधी अज्ञात रहता है, और निर्दोष आम आदमी उसके नुकसान का बोझ उठाता है।

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चेन्नई में स्टीलिन, अजित, अरविंद स्वामी और खुशबू को बम धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई
के द्वारा प्रकाशित किया गया Manish Patel 24 नवंबर 2025 11 टिप्पणि

चेन्नई में स्टीलिन, अजित, अरविंद स्वामी और खुशबू को बम धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई

16 नवंबर, 2025 को चेन्नई में एमके स्टीलिन, अजित कुमार, खुशबू और अरविंद स्वामी को बम धमकी ईमेल मिले। पुलिस ने जांच करके सभी को झूठी साबित किया, लेकिन सुरक्षा बढ़ा दी गई।