भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने क्रिकेट प्रेमियों और प्रशसंकों को 18 दिसंबर 2024 को एक भौंचक्की कर देने वाली घोषणा के साथ चौंका दिया। ऑस्ट्रेलिया के साथ चल रही टेस्ट सीरीज के दौरान उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से तुरंत प्रभाव से संन्यास लेने का ऐलान किया। इस निर्णय ने भारतीय क्रिकेट जगत को उथल-पुथल में डाल दिया।
अश्विन ने गाबा में अपना आखिरी टेस्ट खेला, और अपनी गेंदबाजी की ‘रचनात्मक दिशा’ की कमी को इस कदम के पीछे की प्रमुख वजह बताया। इंटरनेशनल क्रिकेट में 14 साल का लंबा करियर बिताने वाले अश्विन ने 537 टेस्ट विकेट और 765 कुल विकेट दर्ज किए हैं, जिसमें छह टेस्ट शतक भी शामिल हैं।
अश्विन के संन्यास के बाद क्रिकेट जगत में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जहां सुनील गावस्कर और कपिल देव जैसे क्रिकेट के दिग्गजों ने सवाल उठाए, वहीं पूर्व स्पिनर इरापल्ली प्रसन्ना ने इसे 'भारतीय क्रिकेट के लिए दुखद दिन' बताया। हालांकि, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने अश्विन को फोन कर उनके करियर की सराहना की।
अश्विन ने जताया कि वह खेल को बिना किसी भव्य विदाई के छोड़ना चाहते थे और अगर टीम में जगह नहीं बनती तो वह विदाई टेस्ट की पेशकश भी ठुकरा देते। उनके इस फैसले का उनका खुद के गेंदबाजी कैरियर पर की गई आत्ममूल्यांकन से संबंध था।