हाल ही में झारखंड के लोग भयंकर लू से परेशान थे। राज्य के सात जिलों में पारा 40°C के पार चला गया था, जिसमें चाईबासा ने 41°C का तापमान दर्ज किया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कुछ जिलों जैसे कि सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में लू का पीला अलर्ट जारी किया था।
जब लगे हाथों में झाड़ू-पोंछे का काम करना तक मुश्किल हो गया था, तब मौसम के इस बदलाव ने बेताब लोगों को राहत दी।
20 से 23 मार्च के बीच बारिश और ओलावृष्टि ने वातावरण को ठंडा कर दिया। इस बारिश का कारण एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाएं थीं। हालांकि बारिश ने गर्मी से राहत दी, पर ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
कई जिलों में खेतों में खड़ी फसलें जैसे कि गेहूं और सब्जियां बर्बाद हो गईं। आम और लीची के बौर पेड़ों से झड़ गए। रांची ने 0.4 मिमी, जमशेदपुर ने 7.7 मिमी, जबकि डाल्टनगंज में 6.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
IMD ने 40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाओं की चेतावनी दी और सरायकेला-खरसावां जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया। जबकि नई बुवाई के लिए यह नमी वरदान साबित हुई, खड़ी रबी फसलों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।