व्रज आयरन एंड स्टील का आईपीओ: तीसरे दिन की स्थिति
व्रज आयरन एंड स्टील के आईपीओ को तीसरे और अंतिम दिन शानदार प्रतिक्रिया मिली है। यह आईपीओ 171 करोड़ रुपये का है और इसे कुल 12.2 करोड़ इक्क्विटी शेयरों की बोलियां प्राप्त हुई हैं। यह आकार से करीब 19.9 गुना ज्यादा था। प्रमुख भूमिका निभाने वाले गैर-संस्थागत निवेशकों ने 40 गुना से ज्यादा बोलियां लगाईं, जबकि खुदरा निवेशकों ने 22 गुना अपने हिस्से के लिए बोलियां डालीं। योग्य संस्थागत खरीदारों ने अपने हिस्से के लिए 91 प्रतिशत की बोली लगाई।
एंकर निवेशकों से मिली सफलता
25 जून को, आईपीओ खुलने से एक दिन पहले, व्रज आयरन ने वोल्राडो वेंचर पार्टनर्स फंड IV, अशिका ग्लोबल सिक्योरिटीज़, कैपरी ग्लोबल हाउसिंग फाइनेंस और लीडिंग लाइट फंड VCC सहित छह एंकर निवेशकों से 51.3 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस पैसे को कंपनी ने अपनी विस्तार योजनाओं के लिए पहले ही सुरक्षित कर लिया था।
कंपनी की क्षमता और योजना
व्रज आयरन एंड स्टील रायपुर और बिलासपुर में स्थित दो संयंत्रों के माध्यम से संचालित होती है। इन संयंत्रों की संयुक्त स्थापित क्षमता 2,31,600 टन प्रति वर्ष है। कंपनी स्पंज आयरन, एमएस बिलेट्स और टीएमटी बार्स का उत्पादन करती है जो 'व्रज' ब्रांड के तहत बेचे जाते हैं।
यह आईपीओ पूरी तरह से ताजा इश्यू पर आधारित है जिसमें कोई ऑफर-फॉर-सेल नहीं है, यानी इसमें केवल नई इक्विटी जारी की जा रही है और बिक्री के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है। आईपीओ से प्राप्त पूरी राशि कंपनी के लिए ही उपयोग की जाएगी। कंपनी ने विस्तार योजना के तहत बिलासपुर संयंत्र को 129.5 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
दिलचस्पी का कारण
व्रज आयरन एंड स्टील का आईपीओ निवेशकों में इसलिए भी लोकप्रिय हुआ क्योंकि यह उभरते हुए स्टील सेक्टर में व्यापक संभावनाएं प्रस्तुत करता है। कंपनी का भविष्य में और विस्तार का प्लान निवेशकों को आकर्षक लग रहा है। इसके अलावा, स्पंज आयरन और टीएमटी बार्स जैसे उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग ने भी इसमें निवेश का आकर्षण बढ़ाया है।
आपको यह बजट क्यों करना चाहिए
निवेशकों को इस आईपीओ की ओर इसलिए भी आकर्षित होना चाहिए क्योंकि व्रज आयरन एंड स्टील का मजबूत उत्पादन आधार और व्यापक वितरण नेटवर्क है। कंपनी ने सालों से अपनी उत्पादन क्षमता में वृद्धि की है और वह लगातार नए ग्राहकों को जोड़ रही है। इसके साथ ही, कॉर्पोरेट संचालन में उच्च मानकों के पालन से भी कंपनी के प्रति विश्वास बढ़ता है।
इस प्रकार, व्रज आयरन एंड स्टील का आईपीओ निवेशकों के लिए एक मजबूत अवसर है, और सम्भावना है कि भविष्य में यह उन्हें अच्छा रिटर्न प्रदान कर सकेगा।
Jaykumar Prajapati
जून 28, 2024 AT 22:28क्या आप जानते हैं कि इस आईपीओ के पीछे बड़े वित्तीय जासूस की मंडली काम कर रही है? उनका एक ही लक्ष्य है – छोटे निवेशकों को गला घोंटना। ये सबसक्रिप्शन अंकड़े सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि एक रणनीतिक खेल का हिस्सा हैं। सरकार की नज़रें भी इस पर टिकी हैं, लेकिन कोई गुमनाम शक्ति इसे नियंत्रित कर रही है।
PANKAJ KUMAR
जून 29, 2024 AT 09:35व्रज आयरन का उत्पादन क्षमता और वितरण नेटवर्क वास्तव में प्रभावशाली है। इस IPO के दौरान इतनी बड़ी सब्सक्रिप्शन देखना उद्योग के विश्वास को दर्शाता है। निवेशकों को यह समझना चाहिए कि कंपनी के विस्तार योजनाओं में स्पष्ट रणनीति है, जिससे दीर्घकालिक रिटर्न की संभावनाएं बढ़ती हैं।
Anshul Jha
जून 29, 2024 AT 17:55यह भारत की स्टील इंडस्ट्री को विदेशी हस्तक्षेप से बचा रहा है।
Anurag Sadhya
जून 30, 2024 AT 00:52सही कहा भाई, इस कंपनी की क्षमता वाकई में उल्लेखनीय है 😊
आपके बिंदु को मैं पूरी तरह से समझता हूँ और इसलिए मैं भी इस IPO को एक सकारात्मक विकल्प मानता हूँ।
Sreeramana Aithal
जून 30, 2024 AT 10:35बाजार की इस हालिया उछाल में सब कुछ चमक-धमक जैसा लग रहा है, पर असली सवाल यह है कि क्या ये सबसक्रिप्शन वास्तविक मांग है या सिर्फ बबल? मैं इस IPO को "रंगीन और जटिल" कहूँगा, लेकिन साथ ही यह भी मानूँगा कि निवेशकों ने गहरी जाँच करने से बचा नहीं है।
Anshul Singhal
जुलाई 1, 2024 AT 00:28व्रज आयरन एंड स्टील का IPO वास्तव में विशिष्ट अवसर प्रस्तुत करता है, क्योंकि कंपनी ने अभी तक अपने सभी शेयरों को सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे नई पूंजी का प्रवाह सीधे कंपनी के विकास में लगाया जा सकता है।
सबसे पहले, कंपनी की उत्पादन क्षमता 2,31,600 टन प्रति वर्ष है, जो भारतीय स्टील उद्योग में मध्यम आकार की कंपनियों की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है।
दूसरा, कंपनी ने पहले ही अपने एंकर निवेशकों से 51.3 करोड़ रुपये सुरक्षित कर लिए हैं, जो उनके विस्तार योजना के लिए आवश्यक फंड की पर्याप्त गारंटी देता है।
तीसरा, इस IPO में गैर-संस्थागत निवेशकों ने 40 गुना से अधिक बोली लगाई, जो यह संकेत देता है कि बाजार में इस स्टॉक की बहुत अधिक मांग है।
चौथा, योग्य संस्थागत खरीदारों ने 91 प्रतिशत की बोली लगाई, जिससे यह स्पष्ट है कि संस्थागत निवेशक भी इस कंपनी में विश्वास रखता है।
पाँचवां, कंपनी के मुख्य उत्पाद – स्पंज आयरन, एमएस बिलेट्स और टीएमटी बार्स – की लगातार बढ़ती मांग है, जो दीर्घकालिक राजस्व वृद्धि की संभावना को बढ़ाता है।
छठा, कंपनी ने बिलासपुर संयंत्र के विस्तार के लिए 129.5 करोड़ रुपये की योजना बनाई है, जिससे उत्पादन क्षमता में क्रमशः वृद्धि होगी।
साथ ही, यह फंड कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में भी प्रयोग किया जाएगा, जिससे संचालन में लचीलापन बढ़ेगा।
सातवां, इस IPO में कोई ऑफर-फॉर-सेल नहीं है, अर्थात निवेशकों को केवल नई इक्विटी प्राप्त होगी, जो शेयरधारकों के बीच लाभांश वितरण के समानता को सुनिश्चित करता है।
आठवां, कंपनी का ब्रांड ‘व्रज’ को भारतीय बाजार में एक भरोसेमंद नाम के रूप में स्थापित किया गया है, जिससे ग्राहकों की वफादारी में वृद्धि होती है।
नौवां, प्रशासनिक और नियामक मानकों का कड़ाई से पालन करने की कंपनी की प्रतिबद्धता, निवेशकों का भरोसा जीतती है।
दसवां, इस IPO के बाद कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ेगी, जिससे बाजार में ट्रेडिंग आसान होगी।
ग्यारहवां, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि यह IPO पूरी तरह से ताज़ा इश्यू पर आधारित है, इसलिए यह मौजूदा शेयरों के मूल्य को नहीं बदलता।
बारहवां, निवेशकों के लिए यह अवसर तय है कि वे एक मजबूत उत्पादन आधार और विस्तारित वितरण नेटवर्क वाले उद्यम में निवेश करें।
तेरहवां, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखें तो इस IPO का रिटर्न संभावित रूप से आकर्षक हो सकता है, विशेषकर जब उद्योग में स्थिर वृद्धि की आशा हो।
चौदहवां, अंतिम निष्कर्ष यह है कि व्रज आयरन एंड स्टील का IPO एक संतुलित जोखिम के साथ उच्च रिटर्न की संभावना प्रस्तुत करता है, जिससे यह निवेशकों के पोर्टफोलियो में एक मूल्यवान जोड़ बन सकता है।
DEBAJIT ADHIKARY
जुलाई 1, 2024 AT 08:48व्रज आयरन का यह सार्वजनिक प्रस्ताव भारतीय उद्योग के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी ने अपने उत्पादन और वितरण नेटवर्क को विस्तार करने की ठोस योजना प्रस्तुत की है। इसके अलावा, एंकर निवेशकों द्वारा पहले ही निधि जुटाना इस प्रकल्प की विश्वसनीयता को दर्शाता है। निवेशकों को इस अवसर का विवेकपूर्ण मूल्यांकन करना चाहिए।
abhay sharma
जुलाई 1, 2024 AT 15:45वाह कौन सोचता था इतने लोग साइन अप करेंगे बहुत बोरिंग IPO कभी नहीं देखा
Abhishek Sachdeva
जुलाई 2, 2024 AT 00:05डेटा देखके पता चलता है कि सब्सक्रिप्शन में अतिरेक है, लेकिन वास्तविक मांग अभी भी सीमित है। इस तरह का हाइपरबुलीकरण निवेशकों को फंसाने का खतरा रखता है। सावधानी बरतें।
Janki Mistry
जुलाई 2, 2024 AT 09:48IPO की सब्सक्रिप्शन दर 19.9x दर्शाती है कि मार्केट में सॉलिड एंट्री बिंदु है; फंड्स इनीशियलाइज़्ड इन कैपिटल इंटेन्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी।
Akshay Vats
जुलाई 2, 2024 AT 18:08व्रज आयरन का iPoo vadiya hai lekin kuch details miss ho rhe hain jo investors ko dekhna chahiye.
Anusree Nair
जुलाई 3, 2024 AT 01:05सभी को शुभकामनाएँ, इस IPO को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखना चाहिए और साथ मिलकर इस उद्योग को आगे बढ़ाना चाहिए।
Bhavna Joshi
जुलाई 3, 2024 AT 09:25व्रज आयरन के विकास मॉडल का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि उनका इक्विटी इश्यू एक स्ट्रैटेजिक एन्हांसमेंट है, जिससे बाजार में उनकी पोज़िशनिंग मजबूत होगी। यह निवेशकों को दीर्घकालिक मूल्य सृजन का अवसर देता है।