23 सितंबर 2025 को नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग ने तीन ड्रॉ के परिणाम घोषित किए — सुबह 1 बजे का डियर मॉर्निंग संबाद, शाम 6 बजे का डियर गोदावरी ट्यूजडे, और रात 8 बजे का डियर नाइट संबाद। हर ड्रॉ का प्रथम पुरस्कार ₹1 करोड़ था, और इनमें से सुबह 1 बजे के ड्रॉ का विजेता नंबर 35K 82290 घोषित किया गया। ये नंबर लाखों लोगों के जीवन बदल सकता है — खासकर उन लोगों के लिए जो ₹6 के टिकट के साथ एक बड़ा सपना देखते हैं।
कैसे चलती है नागालैंड लॉटरी संबाद?
नागालैंड राज्य सरकार के तहत काम करने वाला नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग रोजाना तीन बार लॉटरी ड्रॉ करता है — सुबह 1 बजे, शाम 6 बजे और रात 8 बजे। हर ड्रॉ का एक विशिष्ट नाम होता है, जो सप्ताह के दिन के आधार पर बदलता है। 23 सितंबर को शाम का ड्रॉ डियर गोदावरी ट्यूजडे के नाम से जाना गया, जो हर मंगलवार को लगातार इसी नाम से आयोजित होता है। ये नामकरण लोगों के लिए रोज का अनुभव बनाता है — जैसे बुधवार को डियर कृष्णा और शुक्रवार को डियर शिव।
ये लॉटरी ऑफलाइन पेपर टिकट पर आधारित है, जिसे राज्य के छोटे-छोटे दुकानदार और अधिकृत एजेंट बेचते हैं। एक टिकट की कीमत केवल ₹6 है — जो एक चाय या एक बिस्कुट से भी सस्ती है। लेकिन जीत का इनाम ₹1 करोड़ हो सकता है। इसीलिए ये लॉटरी गरीब और मध्यम वर्ग दोनों के लिए एक उम्मीद का प्रतीक बन गई है।
23 सितंबर के ड्रॉ के विजेता नंबर क्या हैं?
सुबह 1 बजे के ड्रॉ के लिए आधिकारिक रूप से घोषित नंबर इस प्रकार हैं:
- प्रथम पुरस्कार: 35K 82290 (₹1,00,00,000 — केवल एक विजेता)
- द्वितीय पुरस्कार: 67735, 09838, 61331, 71129, 91723, 32519, 85957, 79941, 01535, 97150 (प्रत्येक ₹9,000)
- तृतीय पुरस्कार: 8002, 4690, 2100, 3041, 7644, 0315, 4571, 1518, 3501, 7893 (प्रत्येक ₹450)
- चतुर्थ पुरस्कार: 8625, 8154, 6189, 7337, 1772, 1691, 3680, 7529, 6854, 1952 (प्रत्येक ₹250)
- पंचम पुरस्कार: कई नंबर (प्रत्येक ₹120)
- उपकृति पुरस्कार: कई नंबर (प्रत्येक ₹1,000)
शाम 6 बजे और रात 8 बजे के ड्रॉ के नंबर भी इसी ढंग से घोषित किए गए, लेकिन अभी तक उनके आधिकारिक नंबर अनौपचारिक स्रोतों पर ही उपलब्ध हैं। लेकिन एक बात स्पष्ट है — हर ड्रॉ में एक व्यक्ति ₹1 करोड़ जीत सकता है।
कहाँ चेक करें परिणाम?
नागालैंड लॉटरी के परिणाम तीन आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं: www.nagalandlotteries.com, www.lotterysambad.com, और www.nagalandlotterysambad.com। ये साइटें बिल्कुल सही समय पर अपडेट होती हैं — आमतौर पर ड्रॉ के 10 मिनट बाद।
कई लोग अपने टिकट की जांच के लिए अपने आसपास के लॉटरी दुकानदारों को भी देखते हैं। नागालैंड के गांवों में भी इन दुकानों का बहुत बड़ा नेटवर्क है। लेकिन याद रखें — केवल आधिकारिक वेबसाइट्स या अधिकृत एजेंट्स से ही जानकारी लें। कई फर्जी वेबसाइट्स और फेक एप्स भी हैं जो लोगों को धोखा देते हैं।
क्या ये लॉटरी न्यायसंगत है?
कुछ विशेषज्ञ इस बात की पुष्टि करते हैं कि नागालैंड लॉटरी राज्य सरकार के नियंत्रण में है और इसकी ड्रॉ प्रक्रिया एक निर्मित बॉक्स और एक यादृच्छिक चयन प्रणाली के साथ होती है। इसकी बाहरी जांच के लिए कोई स्वतंत्र निगरानी नहीं है — जिससे कुछ लोगों को संदेह है।
लेकिन यहाँ एक अहम बात है: ये लॉटरी राज्य के लिए एक बड़ा राजस्व स्रोत है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, नागालैंड लॉटरी ने लगभग ₹450 करोड़ का राजस्व जुटाया। ये पैसा स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर खर्च होता है। इसलिए जब आप एक टिकट खरीदते हैं, तो आप न केवल अपनी भाग्य की उम्मीद कर रहे होते हैं, बल्कि राज्य के विकास में भी योगदान दे रहे होते हैं।
अगला ड्रॉ कब है और क्या बदलेगा?
अगला ड्रॉ 24 सितंबर 2025 को होगा — सुबह 1 बजे का ड्रॉ डियर कृष्णा वेडनेसडे के नाम से होगा। इस तरह से हर दिन के लिए एक अलग नाम बना रखा गया है। यह नामकरण लोगों को रोजाना एक नया उत्साह देता है।
लेकिन एक बात साफ है — ये लॉटरी जीतने का एकमात्र तरीका नहीं है। बहुत से लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा इस पर खर्च कर देते हैं। फ्री प्रेस जर्नल ने स्पष्ट किया है: "हम लॉटरी खेलने का समर्थन नहीं करते। इसमें वित्तीय जोखिम है और इसकी आदत लग सकती है।" ये चेतावनी जरूरी है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
एक सामाजिक अर्थशास्त्री, जिन्होंने उत्तर-पूर्व भारत के लॉटरी संस्कृति पर शोध किया है, बताते हैं: "ये लॉटरी एक असली सामाजिक घटना बन गई है। यहाँ लोग बस जीतने के लिए नहीं, बल्कि एक बार जीवन में बड़ा सपना देखने के लिए खेलते हैं। ये एक उम्मीद का प्रतीक है — जो अक्सर अन्य सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क की कमी को भरता है।"
लेकिन ये उम्मीद अक्सर निराशा में बदल जाती है। एक अध्ययन के अनुसार, लॉटरी खरीदने वालों में से लगभग 37% लोग अपनी मासिक आय का 5% से अधिक इस पर खर्च करते हैं। ये आंकड़ा चिंताजनक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या नागालैंड लॉटरी के परिणाम आधिकारिक रूप से जारी किए जाते हैं?
हाँ, नागालैंड राज्य लॉटरी विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से तीनों ड्रॉ के परिणाम घोषित किए जाते हैं। ये परिणाम www.nagalandlotteries.com, www.lotterysambad.com और www.nagalandlotterysambad.com जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर 10 मिनट के भीतर अपडेट हो जाते हैं। ये साइटें केवल नागालैंड सरकार की ओर से संचालित हैं।
क्या मैं अपने टिकट के लिए बैंक अकाउंट में पैसा प्राप्त कर सकता हूँ?
नहीं, नागालैंड लॉटरी में कोई ऑनलाइन प्राप्ति विकल्प नहीं है। यदि आपका टिकट जीत जाता है, तो आपको अपने टिकट के साथ आधिकारिक आईडी प्रमाण लेकर निकटतम अधिकृत लॉटरी कार्यालय या राज्य के लॉटरी विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में जाना होगा। ₹1 करोड़ जीतने वाले लोगों को अक्सर राज्य के मुख्यालय, कोहिमा में जाना पड़ता है।
क्या ये लॉटरी बाहरी राज्यों के लोगों के लिए भी खुली है?
हाँ, नागालैंड लॉटरी भारत के किसी भी राज्य के नागरिकों के लिए खुली है। आप अपने शहर के लॉटरी दुकानदार से टिकट खरीद सकते हैं। हालांकि, पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आपको आधिकारिक प्रक्रिया के लिए नागालैंड आना होगा — खासकर जब आपका पुरस्कार ₹10,000 से अधिक हो।
क्या डियर गोदावरी ट्यूजडे का नाम किसी धार्मिक स्थान से जुड़ा है?
नहीं, डियर गोदावरी ट्यूजडे का नाम किसी धार्मिक स्थान या पूजा से नहीं जुड़ा है। यह एक ब्रांडिंग चुनाव है जिसका उद्देश्य लोगों को रोज के ड्रॉ के लिए एक यादगार नाम देना है। गोदावरी नदी के नाम का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि यह एक प्रसिद्ध और सुनिश्चित नाम है जो भारत भर में पहचाना जाता है।
क्या लॉटरी जीतने के लिए कोई ट्रिक या रणनीति है?
नहीं, लॉटरी एक पूर्णतः यादृच्छिक प्रक्रिया है। कोई भी संख्या या तरीका जीत की संभावना बढ़ाने के लिए काम नहीं करता। जो लोग अपने जन्मदिन, लकी नंबर या भाग्यशाली तारीखों के आधार पर टिकट खरीदते हैं, वे बस अपनी भावनाओं को जीत के साथ जोड़ रहे होते हैं। विज्ञान के अनुसार, हर नंबर की जीत की संभावना बराबर है।
क्या लॉटरी खेलना अवैध है?
नहीं, नागालैंड लॉटरी भारत में कानूनी है — क्योंकि इसे राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। लेकिन कुछ राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लॉटरी पर प्रतिबंध है। इसलिए अगर आप किसी अन्य राज्य से टिकट खरीदते हैं, तो उसके लिए अपने राज्य के कानून चेक कर लें।
Abhilash Tiwari
नवंबर 18, 2025 AT 16:49एक रुपये के टिकट पर एक करोड़ का सपना देखना तो बहुत ही अजीब बात है... लेकिन जब तुम्हारी दिनभर की कमाई 200 रुपये हो, तो ये टिकट तो बस एक छोटी सी उम्मीद का टुकड़ा होता है। मैं रोज़ खरीदता हूँ, नहीं तो जीवन बहुत सूना लगता है।
Vikas Yadav
नवंबर 18, 2025 AT 21:19ये लॉटरी... ये नाम... डियर गोदावरी... डियर कृष्णा... डियर शिव... ये सब बहुत ही सुंदर ब्रांडिंग है, जैसे कोई देवी-देवता को नमन कर रहे हों... लेकिन ये भी सच है कि जब तक आपका जीवन इतना असहाय नहीं हो जाता, तब तक आप इसे बस एक बार-दो बार खेलते हैं।
Amar Yasser
नवंबर 19, 2025 AT 00:04अरे भाई, ये लॉटरी तो बस एक अच्छा तरीका है जिससे लोग थोड़ा सा खुश रह सकते हैं... मेरी माँ हर ट्यूजडे को टिकट खरीदती हैं, और फिर रात को टीवी पर ड्रॉ देखती हैं... अगर जीत जाती हैं तो फिर दुनिया बदल जाती है... अगर नहीं तो अगले दिन फिर से खरीद लेती हैं। ये उम्मीद का एक तरीका है।
Steven Gill
नवंबर 19, 2025 AT 07:38क्या हम सच में इतने निराश हैं कि हमें एक रुपये के टिकट पर अपना पूरा जीवन लगा देना पड़ रहा है? लेकिन फिर भी... क्या ये बुरा है? जब तुम्हारे पास कुछ भी नहीं होता, तो एक नंबर तुम्हारी आत्मा को जीवन दे देता है। मैं जानता हूँ, मैं नहीं जीतूंगा... लेकिन जब मैं टिकट खरीदता हूँ, तो मुझे लगता है कि कोई मेरे लिए अभी भी बहुत कुछ छुपाए हुए है।
Saurabh Shrivastav
नवंबर 19, 2025 AT 21:51ओह तो अब लॉटरी भी धार्मिक हो गई? डियर गोदावरी? डियर शिव? अब हमारी भाग्य की गणना करने के लिए भगवान को बुलाना पड़ता है? अच्छा है कि ये लोग अभी तक भगवान के नाम से नहीं बेच रहे... अगला ड्रॉ होगा ‘डियर ब्रह्मा’ और फिर तुम बैठ जाओगे और बोलोगे ‘मेरा नंबर आ गया’।
Prince Chukwu
नवंबर 21, 2025 AT 19:22ये लॉटरी तो बस एक जादू है... जैसे गाँव के बच्चे अपने पापा के जूते पहनकर राजा बन जाते हैं... ये टिकट भी वैसा ही है। मैंने अपने गाँव में एक बुजुर्ग को देखा था, जो हर रोज़ टिकट खरीदता था... एक दिन उसने कहा - ‘बेटा, जीतना नहीं, बस खेलना है। जब तक तुम खेल रहे हो, तब तक तुम जिंदा हो।’ मैं आज भी उस बात को याद करता हूँ।
Divya Johari
नवंबर 22, 2025 AT 14:19इस लॉटरी को राज्य सरकार द्वारा संचालित करना अनैतिक है। यह गरीबों के भाग्य का शोषण है। ये एक अवैध वित्तीय व्यवसाय है जिसके तहत लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। राज्य को इस तरह के नियमों को रद्द करना चाहिए।
Aniket sharma
नवंबर 22, 2025 AT 21:32कुछ लोग इसे जीत का तरीका समझते हैं... लेकिन ये तो बस एक तरीका है जिससे आप अपने दिमाग को थोड़ा आराम दे सकते हैं। मैं बच्चों को समझाता हूँ - अगर तुम्हारा दिल खाली है, तो इसे भरने के लिए टिकट नहीं, बल्कि एक किताब खरीदो।
Unnati Chaudhary
नवंबर 24, 2025 AT 08:40मैं हर शनिवार को अपनी दादी के साथ टिकट खरीदने जाती हूँ। वो कहती हैं - ‘बेटी, ये नंबर नहीं, ये खुशी है जो हम खरीद रहे हैं।’ और जब वो ड्रॉ देखती हैं, तो उनकी आँखों में वो चमक आ जाती है... जैसे उन्हें अपने युवावस्था का एक पल वापस मिल गया हो। मैं नहीं जानती कि ये लॉटरी सही है या गलत... लेकिन ये उनके लिए जीवन है।
Sreeanta Chakraborty
नवंबर 25, 2025 AT 09:31ये सब एक योजना है। राज्य सरकार ने ये लॉटरी बनाई है ताकि गरीबों का पैसा एकत्रित हो सके। फिर ये पैसा बड़े बिजनेसमैन के जेब में जाता है। ये नहीं है कि आप जीत रहे हैं... ये है कि वो आपको खेलने के लिए तैयार कर रहे हैं।
Vijendra Tripathi
नवंबर 25, 2025 AT 17:17मैं रोज़ एक टिकट खरीदता हूँ... नहीं तो मेरी बीवी कहती है कि मैं बहुत उदास हो जाता हूँ। लेकिन एक बात साफ है - जब भी मैं टिकट खरीदता हूँ, मैं अपने बेटे के लिए एक नया बैग खरीदने का सपना देखता हूँ। अगर जीत जाता हूँ तो वो बैग मिल जाएगा... अगर नहीं तो भी... मैं अपने बेटे को बताता हूँ - ‘देखा? तुम्हारे पापा ने एक बार जीतने की कोशिश की।’
ankit singh
नवंबर 26, 2025 AT 02:02आधिकारिक वेबसाइट्स पर नंबर देखो। फर्जी एप्स और वेबसाइट्स से बचो। टिकट खरीदने के लिए केवल अधिकृत दुकानदारों को ही भरोसा करो। और जीतने पर तुरंत कार्यालय जाओ। नहीं तो टिकट खो जाता है।
Pratiksha Das
नवंबर 26, 2025 AT 10:58मैंने कल एक टिकट खरीदा था... और मैंने अपने नंबर को एक चाय की दुकान पर लिख दिया... अब वो दुकानदार ने कहा कि उसने भी वही नंबर खरीदा है... अब दोनों का नंबर एक ही है... क्या ये भाग्य है? क्या हम दोनों जीत जाएंगे? ये तो बहुत बड़ी बात है न?
ajay vishwakarma
नवंबर 27, 2025 AT 18:44ये लॉटरी एक बहुत अच्छा तरीका है जिससे लोग अपने दिमाग को एक बार आराम दे सकते हैं। लेकिन इसे अपनी ज़िंदगी का आधार न बनाएं। अगर आप रोज़ खरीदते हैं, तो अपने बच्चों की शिक्षा पर भी खर्च करें।
devika daftardar
नवंबर 29, 2025 AT 13:29मैंने एक बार जीता था... नहीं नहीं... ₹450... बस उतना ही... लेकिन उस दिन मैंने अपने बेटे को एक नया बैग दिया... वो इतना खुश हुआ कि उसने उस बैग को अपनी रात की नींद में भी लिए रखा... अब भी वो बैग घर पर पड़ा है... और मैं अभी भी टिकट खरीदती हूँ... क्योंकि जब तक ये बैग है... तब तक मेरा सपना जिंदा है
fatima almarri
नवंबर 29, 2025 AT 20:18लॉटरी का एक अलग ही सामाजिक अर्थ है। ये एक ऐसा सामाजिक अभ्यास है जिसमें लोग अपने जीवन की असहायता को एक रूप देते हैं। ये नहीं कि वो जीतना चाहते हैं... बल्कि वो एक बार अपने जीवन को किसी अन्य तरीके से देखना चाहते हैं। ये एक रिट्यूअल है... जो उनके भाग्य के बारे में उनकी भावनाओं को व्यक्त करता है।
deepika singh
दिसंबर 1, 2025 AT 12:12मैं रोज़ टिकट खरीदती हूँ... और हर बार जब मैं ड्रॉ देखती हूँ, तो मुझे लगता है कि मैं एक नई ज़िंदगी शुरू कर रही हूँ। अगर जीत जाती हूँ तो बहुत अच्छा... अगर नहीं तो भी... मैं खुश हो जाती हूँ क्योंकि मैंने एक बार खुद को जीतने का मौका दिया।
amar nath
दिसंबर 2, 2025 AT 08:02मैं एक छोटे शहर से हूँ... जहाँ लोग रोज़ टिकट खरीदते हैं... और जब ड्रॉ होता है, तो सारा गाँव रुक जाता है... बच्चे टीवी के सामने बैठ जाते हैं... बुजुर्ग नंबर देखते हैं... और फिर एक तरह से सब एक हो जाते हैं। ये लॉटरी नहीं... ये तो एक सामूहिक सपना है।
Shruthi S
दिसंबर 4, 2025 AT 05:41मैंने आज टिकट खरीदा 😊